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शनि ग्रह के बुरे प्रभाव बचने 10 उपाय

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शनि देवता की बहुत मान्यता है लोग इनके प्रति बहुत ही अधिक श्रद्धा रखते है। शनि को न्याय का देवता भी माना जाता है। और यह भी माना जाता है की शनि देव लोगो के अच्छे बुरे सभी का हिसाब करते है, पुण्य का फल भी देते हैं, साथ ही पाप के लिए दण्डित भी करते है। इसके आलावा शनि आपकी जिंदगी में और भी बहुत तरह से असर डालते हैं। चाहे आप कोई बुरा कर्म जाने अनजाने ही क्यों नहीं करते हैं, तब भी आप शनि की टेढ़ी नज़र का शिकार हो सकते है।

संतुलन और न्याय का गृह माने जाने वाले शनि अच्छा प्रभाव भी डालते है। जो लोग ईमानदार होते है, परिश्रमी होते है शनि उन्हें फल देते है। समस्त ग्रहो में सबसे ज्यादा दृष्टि शनि की होती है। इसके आलावा इसे सीमा गृह के नाम से भी जाना जाता है क्योंकि जहां सूर्य की सीमा समाप्त होती है, वहीँ से शनि का प्रभाव शुरू हो जाता है। जब शनि की दृष्टि अलग अलग ग्रहो पर पड़ती है तो वह अलग अलग दुष्परिणाम पैदा करता है।

ऐसा कहा जाता है की यदि कर्म निंदनीय है तो शनि दुर्भाग्य देते हैं, कंगाल तक कर देते हैं, शनि का बुरा प्रभाव पड़ने से विवेक खत्म होने लगता है, निर्णय शक्ति भी कमजोर हो जाती है, आदि। लेकिन आप भी इन सब से निजात पा सकते हैं, क्योंकि यदि आप शनि के प्रभाव से बचने के लिए कुछ उपाय करते हैं तो इससे आपको शनि की बुरी दृष्टि से राहत मिलती है और उनकी कृपा आप पर बनी रहती है। तो आइये जानते हैं की शनि की बुरी दृष्टि से बचने के कौन कौन से उपाय है।

शनि के बुरे प्रभाव से बचने के उपाय:-

हनुमान चालीसा का जाप करें:-

प्रत्येक मंगलवार और शनिवार को हनुमान चालीसा का पाठ करें। और तेल का दीपक जलाएं इसके अलावा आप इस बात का ख़ास ध्यान रखें की आप शनि देव की ऐसी मूर्ति के दर्शन न करें जिसकी आँखे न हो।

रुद्राक्ष धारण करें:-

रुद्राक्ष धारण करने से भी आपको शनि की बुरी दृष्टि से बचने में मदद मिलती है। इसके लिए आप पांच, सात मुखी रुद्राक्ष धारण कर सकते हैं।

काले चने का प्रयोग करें:-

इस उपाय को करने के लिए आप तीन बर्तनो में शुक्रवार रात को ही पानी में चने को भिगो कर रख दें। और याद रखें की प्रत्येक बर्तन में सवा किलो चने होने चाहिए। इसके बाद सुबह उठकर तीनो को अलग लग तेल में बना लें। और पूजा करने के बाद पहले बर्तन के चने भैंसे को, दूसरे बर्तन के चने कुष्ठरोगियों को, और तीसरे को मछलियों को खिलाएं इससे शनि देव प्रसन्न होते हैं और भाग्य को अनुकूल करते हैं।

शनिवार को करें यह काम:-

शनिवार का दिन शनि देव को प्रसन्न करने के लिए सबसे उत्तम माना जाता है। इस दिन सुबह जल्दी उठकर नहाकर सफ़ेद कपडे पहने, उसके बाद जल में केसर, फूल, चन्दन और चावल मिलाकर पीपल की जड़ में चढ़ाएं। और तिल के तेल का दीपक जलाएं, और आरती करके बचे हुए जल को घर में लाकर छिड़क दे। इससे आपकी घर की नकारत्मकता ख़त्म होगी और शनि देव भी प्रसन्न होंगे।

सरसों के तेल से अभिषेक करें:-

शनिवार के दिन यदि आप नियमिन सरसों के तेल में काले तिल मिलाकर शनि देव को अभिषेक करते हैं और उनके 108 नामो का जाप करते है। और शनि देव से अपने सभी कष्टों को दूर करने के लिए प्रार्थना करते है। साथ ही उनकी कृपा दृष्टि के लिए प्रार्थना करते है तो इससे भी आपको फल मिलता है।

उड़द की दाल का उपाय:-

उड़द की दाल को अच्छे से पीस कर उसका आटा गूथ लें। उसके बाद इसकी छोटी छोटी गोलिया बनाएं और उसके बाद मछलियों को खिलाएं इस उपाय को करने से भी शनि देव प्रसन्न हो जाते है।

अंगूठी पहने:-

शनि देव की कृपा पाने के लिए आप काले घोड़े की नाल या फिर समुद्री नाव की कील से लोहे की अंगूठी बनवाएं। उसके बाद उसे तिल के तेल में रखें और उस पर शनिदेव के मन्त्र का 23000 बार जाप करें। शनिवार के दिन इस अंगूठी को मध्यम ऊँगली में धारण करें इससे भी आपको शनि की कृपा पाने में मदद मिलती है।

चीटियों को खिलाएं:-

नियमित आपको जहां भी काली चीटियों का झुण्ड दिखे वहां पर आटा या फिर शक्कर डालें। ऐसा करने से आपको शनि की कृपा पाने में जल्दी मदद मिलती है।

डाकोत को दान दें:-

शनि का दान लेने वाले को डाकोत कहा जाता है। शनिवार के दिन एक कांसे की कटोरी में तिल का तेल डालकर उसमे अपना चेहरा देखें, उसके बाद एक काले कपडे में काले उड़द, फल, काला कोयला, लोहे की कील, सवा किलो अनाज, और दो लड्डू डाकोत को दें, और साथ ही जितनी श्रद्धा हो दान भी दें, ऐसा करने से आपको शनि की कृपा मिलती है।

कुष्ठ रोगियों को दान दें:-

कुष्ठ रोगियों को दान देने से भी आपको शनि की कृपा पाने में मदद मिलती है। इसके लिए आप उन्हें भोजन करवाएं, उन्हें शनि की वस्तुए जैसे काली छतरी, लोहे का सामान, चप्पल, काले जूते, कपडे आदि का दान करें इससे भी आपको शनि की कृपा पाने में मदद मिलती है।

इसके अलावा और भी कई उपाय हैं जिनसे आप शनि देव की कृपा को पा सकते है लेकिन इस बात का ध्यान रखें की यदि आप शनि की पूजा करने के साथ बुरे कर्म करते हैं, किसी का दिल दुखाते हैं, लोगो का बुरा करते है तो आपको उस पूजा का भी फल नहीं मिलता है।