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प्रदोष व्रत 2018 में तिथियां प्रदोष व्रत की और जानकारी

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Pradosh Vrat 2018 : हिन्दू पंचांग के अनुसार हर दिन व् तिथि का अपना खास महत्व होता है। सभी लोग अपनी आस्था और श्रद्धा के अनुसार किसी न किसी दिन का उपवास रखते है। प्रदोष व्रत भी उन्ही में से एक है। जिसे हिन्दू कैलेंडर की त्रयोदशी तिथि के दिन रखा जाता है।

प्रदोष व्रत क्या है? – Pradosh Vrat 2018

Table of Contents

पंचांग के अनुसार हर पक्ष (शुक्ल और कृष्ण पक्ष) की त्रयोदशी तिथि के दिन प्रदोष व्रत रखा जाता है। इसलिए यह व्रत महीने में दो बार आता है। प्रदोष व्रत में भगवान् शिव और माँ पार्वती का पूजन किया जाता है। – Pradosh Vrat Date 2018

कैलेंडर के अनुसार यह व्रत अलग अलग तरह का होता है। जिसका पूर्ण विवरण नीचे दिया गया है।

  • सोमवार को पड़ने वाले प्रदोष व्रत को सोम प्रदोषम या चंद्र प्रदोषम भी कहा जाता है।
  • मंगलवार के दिन पड़ने वाले प्रदोष व्रत को भौम प्रदोष कहा जाता है।
  • शनिवार को पड़ने वाली त्रयोदशी तिथि यानी प्रदोष व्रत को शनि प्रदोष व्रत कहा जाता है।

प्रदोष व्रत का महत्व :

Pradosh vrat tithiyan – इस व्रत को हिन्दू मान्यताओं में रखे जाने वाले अन्य सभी महत्वपूर्ण व्रतों में से एक माना जाता है। माना जाता है इस दिन सही समय में भगवान शिव की आराधना करने से पाप क्षमा हो जाते है और मृत्यु के पश्चात् मनुष्य को मोक्ष की प्राप्ति होती है। इसके अतिरिक्त यह व्रत रखने और इस दिन 2 गायों का दान करने से सिद्धी प्राप्त होती है और साथ ही भगवान् शिव और माँ पार्वती का आशीर्वाद भी प्राप्त होता है।

किस समय करनी चाहिए प्रदोष व्रत की पूजा?

प्रदोष व्रत का पूजन सदैव प्रदोष काल में ही करना चाहिए। माना जाता है इस समय में भगवान् शिव का पूजन करने से व्रत रखने वाले मनुष्य को व्रत का पूर्ण लाभ मिलता है। जानकारी के लिए बता दें प्रदोष काल सायंकाल का समय होता है। जब सूर्य ढल जाता है और चंद्रमा उदय होने वाला होता है।

Pradosh vrat ka mahatv माना जाता है प्रदोष काल के समय महादेव कैलाश पर्वत के रजत भवन में नृत्य करतें हैं और देवता उनकी आराधना करते है। प्रदोष व्रत को रखने से सभी दोष समाप्त हो जाते है।

प्रदोष व्रत का सप्ताह के दिन के अनुसार लाभ :

  • रविवार : अच्छी सेहत और लंबी उम्र का वरदान मिलता है।
  • सोमवार : सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। 
  • मंगलवार : व्रती को बिमारियों व् रोगों से छुटकारा मिलता है।
  • बुधवार : सभी मनोकामनाएं और अधूरी इच्छाएं पूर्ण होती हैं।
  • बृहस्पतिवार : दुश्मनों और क्षत्रुओं का नाश होता है।
  • शुक्रवार : शादीशुदा जीवन और भाग्य अच्छा रहता है।
  • शनिवार : इस दिन व्रत रखने से संतान की प्राप्ति होती है।

जुलाई 2018 में प्रदोष व्रत 
July 2018 Pradosh Vrat

11 जुलाई 2018 (बुधवार) = कृष्ण पक्ष का प्रदोष व्रत

25 जुलाई 2018 (बुधवार) = शुक्ल पक्ष का प्रदोष व्रत


अगस्त 2018 में प्रदोष व्रत 
August 2018 Pradosh Vrat

09 अगस्त 2018 (गुरुवार) = कृष्ण पक्ष का प्रदोष व्रत

24 अगस्त 2018 (शुक्रवार) = शुक्ल पक्ष का प्रदोष व्रत


सितंबर 2018 में प्रदोष व्रत 
September 2018 Pradosh Vrat

07 सितंबर 2018 (शुक्रवार) = कृष्ण पक्ष का प्रदोष व्रत

22 सितंबर 2018 (शनिवार) = शुक्ल पक्ष का प्रदोष व्रत (शनि प्रदोष व्रत)


अक्टूबर 2018 में प्रदोष व्रत 
October 2018 Pradosh Vrat

07 अक्टूबर 2018 (रविवार) = कृष्ण पक्ष का प्रदोष व्रत

22 अक्टूबर 2018 (सोमवार) = शुक्ल पक्ष का प्रदोष व्रत (सोम प्रदोष व्रत)


नवंबर 2018 में प्रदोष व्रत 
November 2018 Pradosh Vrat

05 नवंबर 2018 (सोमवार) = कृष्ण पक्ष का प्रदोष व्रत (सोम प्रदोष व्रत)

21 नवंबर 2018 (बुधवार) = शुक्ल पक्ष का प्रदोष व्रत


दिसंबर 2018 में प्रदोष व्रत 
December 2018 Pradosh Vrat

05 दिसंबर 2018 (बुधवार) = कृष्ण पक्ष का प्रदोष व्रत

20 दिसंबर 2018 (गुरुवार) = शुक्ल पक्ष का प्रदोष व्रत