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नरसिंह जयंती 2018, पूजा का शुभ मुहूर्त और व्रत पारण का सही समय

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नरसिंह जयंती वैशाख माह में मनाए जाने वाले अन्य पर्वों में से एक है जिसका हिन्दू धर्म में बहुत खास ख़ास है। यह पर्व भगवान् विष्णु के चौथे अवतार भगवान नरसिंह के धरती पर अवतरित होने के रूप में माना जाता है जिसे वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाया जाता है। भगवान विष्णु के इस अवतार का सर शेर की भांति है जबकि उनका बाकी का शरीर और धड़ मनुष्य की तरह है। विष्णु जी के इस अवतार ने महान दैत्य हिरण्याकश्यपू का अंत किया था।

स्वाति नक्षत्र और शनिवार के दिन पड़ने वाली वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि बहुत शुभ मानी जाती है। इस योग में नरसिंह जयंती का उपवास रखना भी बहुत शुभ माना जाता है। परन्तु इस व्रत को करने के लिए कठिन नियमों का पालन करना पड़ता है। जिसके अनुसार इस व्रत से एक दिन पूर्व व्रती केवल एक ही बार भोजन करता है और अगले दिन पुरे दिन उपवास रखता है और किसी भी तरह के अन्न का सेवन नहीं करते। जिसके पश्चात् व्रत का पारण अगले दिन सही मुहूर्त देखकर किया जाता है।

नरसिंह जयंती व्रत :

नरसिंह जयंती के दिन भक्त मध्याह्न में संकल्प लेते है और सायंकाल में सूर्योदय के पश्चात् नरसिंह भगवान का पूजन करते है। माना जाता है, नरसिंह भगवान् का अवतरण उस समय हुआ था जब सूर्यास्त के समय चतुर्दशी तिथि प्रबल थी। इसलिए नरसिंह व्रत पूजन भी उसी समय किया जाता है। पूजन के पश्चात् रात्रि जागरण किया जाता है और अगली सुबह पूजन करके व्रत का पारण किया जाता है। व्रत का पारण करने से पूर्व ब्राह्मणों को दान आदि भी दिया जाता है।

नरसिंह व्रत का पारण अगले दिन सूर्योदय के पश्चात चतुर्दशी तिथि के समाप्त होने के पश्चात किया जाता है। परन्तु यदि चतुर्दशी तिथि सूर्योदय से पूर्व ही समाप्त हो जाए तो सभी कार्यों को सम्पूर्ण करके व्रत का पारण सूर्योदय से पूर्व भी किया जा सकता है।

नरसिंह जयंती की परंपराए :

  • इस दिन भगवान् नरसिंह और देवी लक्ष्मी की प्रतिमा की विशेष पूजा की जाती है।
  • व्रत रखने वाले व्यक्ति प्रातःकाल ब्रह्म मुहूर्त में जागकर स्नान आदि करके नए और साफ़ सुथरे वस्र पहनते है।
  • पारंपरिक पूजन करने के पश्चात् भगवान को चने की दाल और गुड़ का भोग लगाया जाता है। पूजा में चढाने के लिए
  • फूल, मिठाइयां, कुमकुम, केसर और नारियल भी प्रयोग किया जाता है।
  • पूजा के लिए नरसिंह मंत्र का जाप रुद्राक्ष माला से किया जाता है।
  • इसके अतिरिक्त इस दिन गरीबों में कपड़े, भोजन और तिल आदि दान करना अत्यंत शुभ माना जाता है।

नरसिंह जयंती 2018

2018 में नरसिंह जयंती 28th अप्रैल 2018, शनिवार के दिन मनाई जाएगी।

नरसिंह जयंती का शुभ मुहूर्त

मध्याह्न संकल्प का शुभ मुहूर्त = 11:00 से 13:37

नरसिंह जयंती में सायंकाल पूजन का समय = 16:13 से 18:50
पूजा की अवधि = 2 घंटा 36 मिनट

29th अप्रैल 2018, रविवार को नरसिंह जयंती व्रत के पारण का समय = प्रातः 06:37 बजे के बाद।

29th अप्रैल 2018 को चतुर्दशी तिथि के समापन का समय = 06:37

चतुर्दशी तिथि का प्रारंभ 28th अप्रैल 2018, शनिवार 07:12 बजे होगा। जिसका समापन 29th अप्रैल 2018, रविवार 06:37 पर होगा।