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नाग पंचमी 2018 : कालसर्प दोष के लिए शुभ मुहूर्त में करें रुद्राभिषेक

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नाग पंचमी जिसे नाग पूजा के नाम से भी जाना जाता है हिन्दुओं के पवित्र पर्वों में से एक है जिसे पुरे भारत और नेपाल के कुछ हिस्सों में बड़ी श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। हिन्दू धर्म में नाग को देवता का स्थान प्राप्त है इसलिए इस दिन नागों के पूजन की परंपरा है। हिंदी कैलेंडर के अनुसार, नाग पंचमी सावन महीने के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाई जाती है।

इस दिन सजीव नागों के पूजन का खास महत्व माना जाता है, बहुत से स्थानों पर सोने, चांदी या मिट्टी से बनी नाग की मूर्ति का पूजन किया जाता है। नाग पंचमी के दिन महिलाएं नाग देवता की पूजा करती हैं और अपने भाइयों और परिवारजनों की रक्षा के लिए प्रार्थना करती हैं।

भारत के अलग-अलग राज्यों में इस पर्व को विभिन्न तरीकों से मनाया जाता है, कई लोग इस दिन नाग की पूजा करते हैं, तो कोई दूध पिलाते, जबकि बहुत से लोग नाग पंचमी के दिन व्रत भी रखते हैं और नाग देवता की आराधना करते हैं। बहुत सी जगहों पर नाग पंचमी के दिन मेला भी लगता है।

नाग पंचमी का महत्व :

नाग पंचमी के दिन पुरे भारत में नाग देवता के अलग अलग स्वरूपों का पूजन किया जाता है। माना जाता है नाग पंचमी के दिन नाग देवता की पूजा करने से बहुत लाभ मिलता है। नाग देवता को शिव जी के गले का आभूषण कहा जाता है और भगवान विष्णु की शैय्या। ऐसे में नाग पंचमी के दिन नाग पूजा का महत्व और भी अधिक बढ़ जाता है। नाग पंचमी के दिन मुख्य रूप से नाग देवता के 12 स्वरूपों का पूजन किया जाता है – अनंत, वासुकी, शेष, कालिया, तक्षक, पिंगला, धृतराष्ट्र, कार्कोटक, महापद्म, कम्बल, अंशतर और शंखपाल।

नाग पूजा के लिए मंत्र

नाग पंचमी के दिन नागों की पूजा की जाती है नाग पूजा में विशेष मंत्रों का उच्चारण किया जाता है। वो मंत्र है –

सर्वे नागाः प्रीयन्तां मे ये केचित् पृथिवीतले।।
ये च हेलिमरीचिस्था येऽन्तरे दिवि संस्थिताः।
ये नदीषु महानागा ये सरस्वतिगामिनः।
ये च वापीतडागेषु तेषु सर्वेषु वै नमः।।

जिसका अर्थ है – जो नाग, पृथ्वी, आकाश, स्वर्ण, सूर्य की किरणों, सरोवरों, कूप तथा तालाब आदि में निवास करते हैं। वे सब हम पर प्रसन्न हों, हम उनको बार-बार नमस्कार करते हैं।


नाग पंचमी कब है 2018

नाग पंचमी हरियाली तीज के 2 दिन बाद मनाई जाती है। 2018 में नाग पंचमी 15 अगस्त 2018 बुधवार को है। 

नाग पूजा 2018

सावन की नाग पंचमी 15 अगस्त 2018 बुधवार को है। 

नाग पूजा का शुभ मुहूर्त 

नाग पंचमी पूजा का मुहूर्त = 05:54 से 08:30 तक।

पंचमी तिथि का आरंभ = 15 अगस्त 2018, बुधवार 03:27 AM
पंचमी तिथि समाप्त = 16 अगस्त 2018, वीरवार 01:51 AM


कालसर्प दोष दूर करने के लिए नाग पूजा :

अगर किसी व्यक्ति की कुंडली में कालसर्प दोष है तो नाग पंचमी के लिए नाग पूजा करने से कालसर्प दोष को दूर हो जाता है। कुंडली में कालसर्प दोष होने पर इस दिन को बहुत खास माना जाता है। इस दिन नाग देवता के सभी स्वरूपों का पूजन करने से और ॐ नमः शिवाय का जप करने से कालसर्प दोष के प्रभावों में राहत मिलती है। नाग पंचमी के दिन शिव जी का रुद्राभिषेक करने से भी व्यक्ति की कुंडली से कालसर्प दोष दूर हो जाता है।