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मिथुन संक्रांति 2018, पुण्य काल का शुभ मुहूर्त

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Mithuna Sankranti 2018 : सूर्य जब एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश करता है तो उस घटनाक्रम को संक्रांति कहा जाता है। हिन्दू पंचांग के अनुसार सालभर में सूर्य सभी 12 राशियों में भ्रमण करता है जिसके मुताबिक हर महीने 1 राशि में भ्रमण करता है। और जब सूर्य एक राशि में भ्रमण करके दूसरी राशि में प्रवेश करता है तो उसे संक्रांति कहा जाता है।

मिथुन संक्रांति भी उन्ही में से एक है जिसे हिन्दू धर्म में महत्वपूर्ण धार्मिक पर्वों में से एक माना जाता है। सामान्यतौर पर भले ही इसका महत्व उतना अधिक न हो परंतु धार्मिक दृष्टि से इस पर्व को बहुत अधिक महत्व होता है। सिर्फ मिथुन संक्रांति ही नहीं अपितु सालभर में आने वाली सभी संक्रांतियों का धार्मिक दृष्टि से बहुत अधिक महत्व होता है।

मिथुन संक्रांति क्या है?

Mithuna Sankranti 2018 Date – हिन्दू पंचांग के अनुसार मिथुन सक्रांति के साथ ही नया माह प्रारंभ हो जाता है जो हिन्दू कैलेंडर की तीसरा माह होता है। इस दिन सूर्य वृषभ राशि से मिथुन राशि में प्रवेश करता है। इसलिए इसे मिथुन संक्रांति कहा जाता है। ग्रहों में होने वाले इस परिवर्तन का अच्छा और बुरा प्रभाव होता है इसलिए इस दिन पूजा का विशेष महत्व होता है।

उड़ीसा में इस पर्व को बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है जिसे राजा परबा कहते है। यहाँ इस पर्व को वर्षा ऋतू के आगमन के उत्सव के रूप में मनाया जाता है।

मिथुन संक्रांति की परंपराएं :-

  • हिन्दू धर्म में मिथुन संक्रांति के दिन कपड़े दान व् उपहार में देना बहुत शुभ माना जाता है।
  • इस दिन भगवान विष्णु और धरती माँ के पूजन का विधान है।
  • उड़ीसा में इस दिन पारंपरिक पोषक धारण कर विशेष पूजा का आयोजन किया जाता है।
  • धरती माँ के पूजन में एक पत्थर को तरह तरह के फूलों और सजावट की अन्य वस्तुओं से सजाया जाता है और साथ ही वर्षा ऋतू का स्वागत किया जाता है।
  • राजा परबा के उत्सव में लड़कियां बरगद के पेड़ पर झूले डालकर झुला झूलती है और पारंपरिक गाने गाती है।
  • मिथुन संक्रांति के दिन जरुरतमंदों को कपड़े दान में देना बहुत अच्छा माना जाता है। ऐसा करने से बहुत पुण्य मिलता है
  • इस दिन चावल का सेवन निषेध माना जाता है।
  • अन्य सभी संक्रांतियों की भांति इस संक्रांति में भी पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए पूजन आदि करना अच्छा माना जाता है।

Auspicious Time for Mithuna Sankranti 2018 :

मिथुन संक्रांति 2018

2018 में मिथुन संक्रांति 15 जून 2018, शुक्रवार के दिन मनाई जाएगी।

मिथुन संक्रांति पुण्य काल शुभ मुहूर्त

मिथुन संक्रांति पुण्य काल मुहूर्त = 11:52 से 18:16 तक।
मुहूर्त की अवधि = 6 घंटा 24 मिनट

संक्रांति काल दोपहर 11:52 मिनट पर होगा।

महापुण्य काल का शुभ मुहूर्त = 11:52 से 12:16 तक।
मुहूर्त की अवधि = 0 घंटा 24 मिनट