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चंद्र ग्रहण जुलाई 2018 समय, क्या करें क्या न करें?

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Chandra Grahan 2018 Date : साल 2018 में 2 चंद्र ग्रहण होने वाले है जिनमे से एक जनवरी में पड़ा था और दूसरा चंद्र ग्रहण  आगामी 27 जुलाई को पड़ने वाला है। आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को 27 जुलाई 2018, शुक्रवार को खग्रास अर्थात पूर्ण चंद्रग्रहण लग रहा है। यह चंद्र ग्रहण पुरे भारत में दिखाई देगा। इसीलिए इसका धर्मशास्त्रीय फल भी होगा और उसका प्रभाव सभी पर पड़ेगा।

कहां-कहां दिखाई देगा 27 जुलाई 2018 का चंद्र ग्रहण :

27 जुलाई 2018 का चंद्र ग्रहण पुरे भारत में दिखाई देगा। इसके साथ-साथ यह अंटार्टिका, आस्ट्रेलिया, (रूस के दूरस्थ उत्तरीभाग) को छोड़कर एशिया, अफ्रीका, यूरोप, दक्षिण अमेरिका के मध्य और पूर्वीभाग से देखा जा सकेगा।

चंद्र ग्रहण का समय :

चंद्र ग्रहण 2018 – 27 जुलाई 2018 (शुक्रवार)

Chandra Grahan Timing : भारतीय समय के अनुसार 27 जुलाई 2018 को पड़ने वाले चंद्र ग्रहण का स्पर्श (प्रारंभ) रात्रि 11 बजकर 54 मिनट पर होगा जो 28 जुलाई की सुबह 03 बजकर 49 मिनट पर समाप्त होगा। इस चंद्र ग्रहण को सदी का सबसे लंबा चंद्र ग्रहण होगा। जो करीब 03 घंटे 55 मिनट तक रहेगा।

यह चंद्र ग्रहण रात 01 बजे से लेकर 02 बजकर 43 मिनट तक खग्रास की अवस्था में रहेगा जिससे पूरा चंद्रमा ढका रहेगा। यह चंद्र ग्रहण 27 और 28 जुलाई को सभी हिस्सों में अच्छी तरह से दिखेगा। पुरे चंद्र ग्रहण के दौरान चंद्रमा लाल रंग का होगा। जिसे अंग्रेजी भाषा में ब्लड मून कहा जाता है। यह ग्रहण पूरी रात दिखाई देगा।

ब्लड मून क्या होता है?

चंद्रग्रहण के दौरान जब चांद लाल रंग का दिखाई देता है तो उसे ब्लड मून कहा जाता है। वास्तव में पूर्ण चंद्रग्रहण के दौरान चांद जब धरती की छाया में रहता है तो इसकी आभा रक्तिम हो जाती है। जिसे चांद लाल रंग की भांति दिखने लगता है, और ऐसा तब होता है जब चांद पूरी तरह से धरती की आभा में ढक जाता है। इस स्थिति में भी सूरज की लाल किरणें फैलकर चांद तक पहुंचती है और चाँद लाल रंग का दिखने लगता है। – Blood Moon 2018

राशियों पर चंद्रग्रहण का प्रभाव :

Rashiyo par grahan ka prabhav : ज्योतिषाचार्यों के अनुसार साल का दूसरा चंद्रग्रहण सभी राशियों को अलग-अलग तरह से प्रभावित करेगा। मेष, सिंह, वृश्चिक और मीन राशि पर इस ग्रहण का शुभ असर होगा जबकि मकर, मिथुन, कन्या और धनु राशि पर इसका विपरीत अशुभ असर हो सकता है। कुंभ, तुला, कर्क और वृष राशि पर इस ग्रहण का मिला-जुला असर पड़ सकता है।

चंद्र ग्रहण का पूर्ण विवरण :

स्पर्श (प्रारंभ) 11 बजकर 54 मिनट
खग्रास आरंभ 01 बजकर 00 मिनट
मध्य 01 बजकर 52 मिनट
खग्रास समाप्ति 02 बजकर 43 मिनट
मोक्ष (समाप्ति) 03 बजकर 49 मिनट
ग्रहण की अवधि 03 घंटे 55 मिनट

चंद्र ग्रहण में क्या करें क्या न करें?

परामर्श – जिनका जन्म उत्तराषाढ़ नक्षत्र या श्रवण नक्षत्र में हुआ हो वे इस ग्रहण को न देखें। गर्भवती महिलाएं खास सावधानी बरतें और पेट पर हल्का गाय के गोबर का लेप लगा लें। – Chandra Grahan 2018

क्या न करें ग्रहण के समय :

  • तेल मालिश नहीं करें।
  • सोएं नही।
  • मंदिर में पूजा-पाठ न करें।
  • पति-पत्नी एक दूसरे से संबंध न बनाएं।
  • ग्रहण से पूर्व कोई भी खाने की पकी हुई चीज को बचाकर नहीं रखें, अगर बच गई है तो उसमे तुलसीजी के पत्ते डाल दें।
  • ग्रहणकाल में कुछ खाएं-पीएं नहीं।
  • इस दौरान भगवान् को याद करें  और बुरा नहीं सोचें।
  • किसी नए कार्य की शुरुवात नहीं करें।
  • ग्रहण काल में ताला नहीं खोलना चाहिए।
  • भोजन नहीं बनाना चाहिए।
  • चाकू का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।
  • ग्रहण काल के साथ सूतक के समय भी आपको भगवान् का ध्यान करना चाहिए।
  • भगवान् की मूर्ति को नहीं छूना चाहिए।
  • नाख़ून आदि न काटने चाहिए।
  • ग्रहण को देखने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।
  • किसी भी ग्रहण के समय प्रेग्नेंट महिला को बाहर भी नहीं निकलना चाहिए।
  • ग्रहण के समय लकड़ी, फूल आदि को भी नहीं तोडना चाहिए।